Betul Samachar: परिवार में ही होता है बच्चों का सर्वोत्तम हित, ब्लाक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों को दिया प्रशिक्षण

Betul Samachar: परिवार में ही होता है बच्चों का सर्वोत्तम हित, ब्लाक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों को दिया प्रशिक्षण Betul Samachar: (बैतूल)। बच्चों का सर्वोत्तम हित सिर्फ और सिर्फ उसके परिवार में ही हो सकता है। बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण देने की आवश्यकता है। उक्त बातें 4 मार्च, शनिवार को पूर्व समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2023 एवं विकासखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों को प्रशिक्षण के दौरान जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर संजय शुक्ला ने कही।  प्रशिक्षण का आयोजन मिथिलेश डहेरिया जिला विधिक सेवा सहायता अधिकारी बैतूल के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

प्रशिक्षण का शुभारंभ मॉ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। प्रशिक्षण में जिला बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यगणो की विशेष उपस्थिति में विकासखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्यों को विकासखंड स्तरीय समिति के कार्य एवं पाक्सो एक्ट 2023 के प्रावधानों के संबंध में विषयवार जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर संजय शुक्ला व्दारा दिया गया।

Betul Samachar: परिवार में ही होता है बच्चों का सर्वोत्तम हित, ब्लाक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों को दिया प्रशिक्षण

विधि सेवा की दी जानकारी

नि:शुल्क विधिक सेवा के संबंध में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी मिथिलेश डेहेरिया जिला विधिक सेवा अधिकारी द्वारा दी गई। उन्होंने पीडि़त प्रतिकर के साथ-साथ विधिक सहायता किस प्रकार दी जाती है। इसके लिए पात्रता क्या है इससे संबंधित विस्तार से जानकारी दी।

शासन की योजनाओं का बच्चों को मिले लाभ

कार्यशाला को संबोधित करते जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि सीएनसीपी बच्चों को शासन की योजना का प्राथमिकता के साथ लाभ मिले इसके लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने स्पांसरशिप सहित अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी।

Betul Samachar: परिवार में ही होता है बच्चों का सर्वोत्तम हित, ब्लाक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों को दिया प्रशिक्षण

बाल संरक्षण में बताई पुलिस की भूमिका

बाल संरक्षण के क्षेत्र पुलिस की भूमिका के संबंध में विनोद शुक्ला विशेष किशोर पुलिस ईकाई बैतूल द्वारा विस्तार से बताया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बताया कि सीएनसीपी बच्चों के साथ किस तरह से व्यवहार किया जाना चाहिए। कानूनी कार्यवाही क्या-क्या करनी चाहिए? यह भी बताई।  अंत में पाक्सो एक्ट के प्रावधानों के संबंध में प्रशिक्षण आवाज संस्था बैतूल के समन्वयक भूपेन्द्र लोखण्डे व्दारा दिया गया। प्रशिक्षण में 74 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थीयों को प्रशिक्षण सामग्री वितरित की गई।

यह थे मौजूद

प्रशिक्षण सह कार्यशाला में गौतम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, बैतूल, संजय कुमार जैन, सहायक संचालक, विनोद इवने, बाल संरक्षण अधिकारी, योगेश वर्मा, विधि परिवीक्षा अधिकारी, सीमांत शुक्ला काउंसलर, बैतूल उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का समापन सायं 4.30 बजे किया गया। कार्यशाला का संचालन एवं आभार प्रदर्शन बाल संरक्षण अधिकारी विनोद इवने ने किया।

Join Telegram Channel

Join WhatsApp Channel

Join WhatsApp Group

Follow us on Google News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *